उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के लिए 5,000 करोड़ रुपये का व्यय मंजूर

उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के लिए 5,000 करोड़ रुपये का व्यय मंजूर

sanskrit-school-UP---2026-03-11T084436

Jal Jeevan Mission in Uttar Pradesh.

लखनऊ। Jal Jeevan Mission in Uttar Pradesh., प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की परियोजनाओं का काम जारी रखने और उनको पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पांच हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

केंद्रांश के रूप में धनराशि मिलने की प्रत्याशी में यह राशि व्यय की जाएगी। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस खर्च संबंधित शर्तों को स्वीकृृति दी गई।

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की पूरी आबादी को पाइप पेयजल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

वर्तमान विंध्य-बुंदेलखंड क्षेत्र में 63 सतही पेयजल आधारित योजनाओं व 548 भूगर्भ जल आधारित योजनाओं और शेष प्रदेश में 36,232 भूगर्भ जल आधारित और गुणता प्रभावित जनपदों में सतही स्रोत आधारित 14 योजनाओं का काम चल रहा है।

2028 तक योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य

भारत सरकार ने स्पष्ट कर रखा है कि मिशन का काम लगातार जारी रहने और परिव्यय में वृद्धि के बाद ही आगे केंद्रांश की धनराशि अवमुक्त की जाए। योजनाओं को दिसंबर 2028 तक पूरा किया जाना है।

केंद्रांश की प्रत्याशी में प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में अग्रिम राज्यांश के रूप में 6163.71 करोड़ और वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2000 करोड़ की स्वीकृति दी चुकी है, अब 5000 करोड़ की अगली किश्त की स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है।

कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्तावित धनराशि के व्यय के लिए शर्तों का प्रस्ताव रखा गया था। इनके अनुसार प्रस्तावित राशि से विंध्य-बुंदेलखंड के जिलों की सभी पाइप पेयजल योजनाओं को पूर्ण कर देयों के भुगतान के साथ संचालन में लाया जाए।

अन्य जिलों में भौतिक रूप से पूर्ण पाइप पेयजल योजनाओं की लंबित देयों का भुगतान कर संचालन शुरू कराया जाएगा। इसके बाद 90 से 100 प्रतिशत पूर्णता वाली योजनाओं का काम पूरा कर संचालन में लाया जाएगा।